इसलिए उठ, यश प्राप्त कर, शत्रुओं को जीत और समृद्ध राज्य का भोग कर। ये सब मेरे द्वारा पहले ही मारे जा चुके हैं — तू केवल निमित्त बन।
Life Lesson (HI)
ईश्वर सभी कार्यों का कर्ता है — मनुष्य केवल निमित्त है।
Commentary (HI)
इस श्लोक में श्रीकृष्ण अर्जुन से कह रहे हैं कि वह उठकर कर्म करे, यश प्राप्त करे, शत्रुओं को जीते और समृद्ध राज्य का भोग करे। उन्होंने इसके साथ ही बताया कि ये सभी शत्रु उसने पहले ही मार डाले हैं और अर्जुन को केवल निमित्त बनने के लिए कहा है।
इस श्लोक का मुख्य संदेश है कि भगवान सभी कार्यों का कर्ता है, और मनुष्य केवल उसके निमित्त होते हैं। अर्जुन को इस भावना के साथ कर्म करने का संदेश दिया गया है कि वह अपने कर्तव्यों का पालन करे और उन्हें सही दिशा में ले जाए। यहाँ पर भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को उसके योग्यता और सामर्थ्य का विश्वास दिला रहे हैं और उसे उसके कर्मों के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसके जरिए इस श्लोक से हमें यह सिखाई गई है कि हमें अपने कर्मों को सही तरीके से करना चाहिए और भगवान के आदेशों का पालन करना चाहिए।