प्रसन्न चित्त से सभी दुःखों का नाश होता है, और प्रसन्नचित्त पुरुष की बुद्धि शीघ्र स्थिर हो जाती है।
Life Lesson (HI)
प्रसन्नता आत्मा की सच्ची स्थिति है।
Commentary (HI)
इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण व्यक्ति को बता रहे हैं कि जो व्यक्ति प्रसन्न चित्त है, उसके सभी दुःखों का नाश हो जाता है। जब हम अपने मन को शांत और प्रसन्न रखते हैं, तो हमारी बुद्धि स्थिर हो जाती है और हम सही निर्णय लेने में सक्षम होते हैं। प्रसन्नता आत्मा की सच्ची स्थिति है जो हमें जीवन में सुख और शांति की दिशा में ले जाती है। इसलिए, हमें सदैव प्रसन्न चित्त और शांति में रहने का प्रयास करना चाहिए।