संजय बोले: हे भारत! जब गुडाकेश (अर्जुन) ने ऐसा कहा, तब हृषीकेश (कृष्ण) ने दोनों सेनाओं के बीच रथ को खड़ा कर दिया।
Life Lesson (HI)
सच्चे सारथी की भूमिका होती है कि वह योद्धा को सही दृष्टिकोण दे।
Commentary (HI)
इस श्लोक में संजय द्वारा कहा जा रहा है कि जब गुडाकेश (अर्जुन) ने ऐसा कहा, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन दोनों सेनाओं के बीच रथ को खड़ा कर दिया। यह एक महत्वपूर्ण क्षण है जब भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सही दिशा दिखाने के लिए उसका साथ दिया और उसे मार्गदर्शन किया।
इस श्लोक से हमें यह सिखाई जाती है कि एक सच्चे सारथी का कार्य होता है अपने साथी को सही और सटीक दिशा दिखाना। यह हमें यह बताता है कि जीवन में हमें सहायता करने और मार्गदर्शन करने का महत्व समझना चाहिए, ताकि हम सही राह पर चल सकें और सफलता की ओर अग्रसर हो सकें।
इस श्लोक के माध्यम से हमें यह भी समझने को मिलता है कि भगवान कृष्ण ने अर्जुन को अपने कर्मयोग की शिक्षा देने के लिए उसका साथ दिया और उसे उसके दायरे में सहायता पहुंचाई। इससे हमें यह सिखने को मिलता है कि उचित मार्गदर्शन और सहायता से हम अपने जीवन को सफल और खुशहाल बना सकते हैं।