आपको आगे, पीछे, और सभी दिशाओं से नमस्कार है। हे अनन्त शक्ति और असीम पराक्रम वाले! आप सबको व्याप्त करते हैं — इसलिए आप ही सर्वस्व हैं।
Life Lesson (HI)
ईश्वर सर्वव्यापक हैं — उनका सम्मान हर दिशा से होना चाहिए।
Commentary (HI)
इस श्लोक में भगवान की महानता और विश्वस्वरूपता का स्पष्टीकरण किया गया है। यहाँ भगवान को सभी दिशाओं से नमस्कार किया गया है, जिससे उनकी सर्वव्यापकता और सम्पूर्णता का बोध होता है। उनकी अनन्त शक्ति और असीम पराक्रम का वर्णन करके यह बताया गया है कि भगवान सबका समापन करने वाले हैं और वे ही सबका संभालने वाले हैं।
इस श्लोक का जीवन संदेश है कि हमें ईश्वर की सर्वव्यापकता और महिमा का सम्मान करना चाहिए। उनकी अमिट शक्ति और असीम पराक्रम को समझकर हमें उनमें श्रद्धा और आस्था रखनी चाहिए और हमें उनके दिशानिर्देश का पालन करना चाहिए। भगवान की परिपूर्णता और व्यापकता को समझकर हमें उनकी भक्ति में लगना चाहिए और सभी परिस्थितियों में उन्हें ध्यान में रखना चाहिए। इससे हमारा जीवन सफलता प्राप्त करने की दिशा में प्रेरित होता है।