हे महाबाहो! सत्त्व, रज और तम — ये तीनों गुण प्रकृति से उत्पन्न होते हैं और अमर आत्मा को शरीर से बाँधते हैं।
Life Lesson (HI)
गुणों का प्रभाव ही बंधन और जन्म का कारण बनता है।
Commentary (HI)
इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से गुणों के बारे में बता रहे हैं। गुण तीन प्रकार के होते हैं - सत्त्व, रज और तम। ये गुण प्रकृति से उत्पन्न होते हैं और इन गुणों का व्यक्ति पर प्रभाव होता है। यहाँ 'महाबाहो' का उपयोग करके भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को समझाना चाह रहे हैं कि इन गुणों का आत्मा को शरीर से बाँधने में क्या महत्व है।
गुणों का प्रभाव ही हमें इस संसार में बंधन में डालता है और हमें जन्म-मरण का चक्र में फंसाता है। इस श्लोक से हमें यह समझने में मदद मिलती है कि अमर आत्मा को यदि हम गुणों के प्रभाव से मुक्त करना चाहते हैं, तो हमें गुणातीत स्थिति की प्राप्ति के लिए आत्म-साक्षात्कार और आत्म-निरीक्षण की दिशा में अग्रसर होना होगा। यह श्लोक हमें गुणों के विचार करने और उनसे मुक्ति की दिशा में अग्रसर होने की दिशा में प्रेरित करता है।