इति ते ज्ञानमाख्यातं गुह्याद्गुह्यतरं मया। विमृश्यैतदशेषेण यथेच्छसि तथा कुरु॥63॥
Translation (HI)
यह सबसे गोपनीय ज्ञान मैंने तुम्हें कहा। अब इसे भलीभांति विचार कर, जैसे इच्छा हो, वैसा करो।
Life Lesson (HI)
विवेक से निर्णय लेना ही ज्ञान का फल है।
Commentary (HI)
इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कह रहे हैं कि उन्होंने उस गोपनीय ज्ञान को उससे कह दिया है। अब अर्जुन को उसे अच्छे से विचार करके क्रियान्वयन करना चाहिए, ज।हैसा जैसी उसकी इच्छा हो। यहाँ विवेकपूर्ण निर्णय लेना ही ज्ञान का सबसे महत्वपूर्ण फल है।
इस श्लोक के माध्यम से हमें यह सिखाया गया है कि ज्ञान को समझने के बाद हमें उसे अपने जीवन में उतारना चाहिए। ज्ञान का सही उपयोग करके हमें सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी और हमारे जीवन को समृद्धि और सफलता की दिशा में ले जाएगी। इसलिए, ज्ञान का सही उपयोग करने के लिए हमें विवेकपूर्ण निर्णय लेना आवश्यक है।