मेरे में चित्त और प्राण लगाए हुए भक्त, आपस में ज्ञान चर्चा करते हैं, और निरंतर मेरा वर्णन करते हुए संतुष्ट व प्रसन्न रहते हैं।
Life Lesson (HI)
सच्चे भक्तों का संग ज्ञान, भक्ति और आनंद को बढ़ाता है।
Commentary (HI)
इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण भक्तों के गुणों की महिमा का वर्णन कर रहे हैं। वे कहते हैं कि जो भक्त मुझमें अपना मन और प्राण लगाते हैं, वे एक-दूसरे के साथ ज्ञान की वात्सल्यपूर्ण चर्चा करते हैं। उनका सतत संतुष्ट और प्रसन्न रहना हमेशा मुझे याद रखने के लिए उनका वर्णन करने के साथ होता है और वे आनंद लेते हुए रहते हैं।
इस श्लोक से हमें यह सीख मिलती है कि भगवान के सच्चे भक्त कैसे उनके अनुरूप जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। यह भक्ति के माध्यम से हम ज्ञान को प्राप्त कर सकते हैं, और जब हम सच्ची भक्ति में रमने लगते हैं, तो हमें आनंद और संतोष मिलता है। इसके अलावा, भक्ति के माध्यम से हम आत्मा के साथ अद्वितीय योगदान कर सकते हैं और परमात्मा के प्रति हमारी भावना एकाग्र हो सकती है।
इस श्लोक से हमें यह भी सिखने को मिलता है कि भक्ति में जो आनंद होता है, वह सामान्य भोगों से परे होता है और यह सतत होता है। इसलिए, भगवान के सच्चे भक्त को हमेशा अपने मन में धार