अर्जुन ने कहा: हे जनार्दन! आपके इस सौम्य मानव रूप को देखकर मेरा मन अब शांत और स्थिर हो गया है।
Life Lesson (HI)
ईश्वर के सौम्य दर्शन आत्मा को संतुलित कर देते हैं।
Commentary (HI)
श्लोक में अर्जुन भगवान श्रीकृष्ण से कह रहे हैं कि उन्होंने उनके मनुष्य रूप को देखकर अपने मन को शांत और स्थिर कर लिया है। इसका अर्थ है कि अर्जुन के मन में श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप का दर्शन करके सभी संशयों और विकल्पों से मुक्ति मिल गई है। इस दर्शन से उनकी आत्मा को संतुलितता मिली है और उन्हें यह अनुभव हुआ है कि ईश्वर का सौम्य दर्शन आत्मा को संतुलित कर देता है। यह श्लोक हमें यह सिखाता है कि भगवान के दिव्य स्वरूप का ध्यान करने से हमारी मानसिक और आत्मिक स्थिति में स्थिरता और शांति मिलती है।