भगवान ने कहा: जिस रूप को तुमने देखा है, वह अत्यंत दुर्लभ है — देवता भी इस रूप को देखने के लिए सदा इच्छुक रहते हैं।
Life Lesson (HI)
ईश्वर के दिव्य दर्शन दुर्लभ हैं — यह सौभाग्य से प्राप्त होते हैं।
Commentary (HI)
भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि जिस रूप को तुमने मेरा दर्शन किया है, वह बहुत ही अत्यंत दुर्लभ है। इस रूप को देवताओं को भी देखने की आकांक्षा होती है और वे सदा इसे देखने के लिए उत्सुक रहते हैं।
इस श्लोक से हमें यह सिखाई जाती है कि ईश्वर के दिव्य रूप का दर्शन प्राप्त करना बहुत ही सौभाग्यशाली और महत्वपूर्ण है। यह हमें यह बताता है कि ईश्वर की अद्भुतता और महत्व को समझने के लिए हमें उसके दिव्य स्वरूप का अनुभव करना चाहिए। यह हमें ध्यान में लगाने और उसकी अद्भुतता को समझने के लिए प्रेरित करता है।