हे भारत! सत्त्वगुण सुख में, रजोगुण कर्म में और तमोगुण ज्ञान को आच्छादित कर प्रमाद में बाँधता है।
Life Lesson (HI)
हर गुण आत्मा को किसी न किसी रूप में बांधता है।
Commentary (HI)
इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण भगवद गीता में मनुष्य के गुणों के महत्वपूर्ण विवेचन कर रहे हैं। सत्त्वगुण, रजोगुण और तमोगुण - ये तीनों गुण मनुष्य के स्वभाव को प्रभावित करते हैं।
सत्त्वगुण उस गुण को कहा जाता है जो सुख को जन्म देता है। इस गुण का प्रभाव होता है जब मनुष्य किसी कार्य को शुद्धता और ज्ञान के साथ करता है।
रजोगुण कर्म को बढ़ावा देता है और उसे चाहिए के बावजूद करने के लिए प्रेरित करता है। इस गुण का प्रभाव होता है जब मनुष्य अधिक उत्साह और प्रेरणा के साथ कार्य करता है।
तमोगुण ज्ञान को अवरुद्ध करता है और मनुष्य को अन्धकार में ले जाता है। इस गुण का प्रभाव होता है जब मनुष्य अन्याय, अज्ञान और असत्य के प्रति आसक्ति रखता है।
भगवान श्रीकृष्ण इस श्लोक में बता रहे हैं कि इन गुणों का सही संतुलन रखना जरूरी है। यदि इन गुणों में संतुलन नहीं रहता है, तो मनुष्य प्रमाद में पड़ सकता है और अपने जीवन में अस