जिससे सभी प्राणियों की उत्पत्ति होती है और जो इस समस्त विश्व में व्यापक है — उस परमेश्वर की पूजा अपने स्वधर्म से करके मनुष्य सिद्धि प्राप्त करता है।
Life Lesson (HI)
ईश्वर की सच्ची पूजा अपने कर्तव्य के माध्यम से होती है।
Commentary (HI)
इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण मनुष्य को यह सिखाते हैं कि सभी प्राणियों की उत्पत्ति एवं सम्पूर्ण जगत की उत्पत्ति भगवान से होती है और उस परमेश्वर की पूजा मनुष्य तभी करता है जब वह अपने स्वधर्म का पालन करता है। इसका अर्थ है कि ईश्वर की सच्ची पूजा वही होती है जब हम अपने कर्तव्यों का पालन सही तरीके से करते हैं। इसके माध्यम से हम सिद्धि प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं। इस श्लोक से हमें यह समझने को मिलता है कि ईश्वर की उपासना सिर्फ मंदिरों और पूजा के माध्यम से ही नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में अपने कर्तव्य का निष्ठापूर्वक पालन करके भी हम समर्पित और सिद्धिशील जीवन जी सकते हैं।