अतः अज्ञान से उत्पन्न, हृदय में स्थित इस संशय को आत्मज्ञान की तलवार से काट डालो और योग में स्थित हो जाओ। हे भारत! उठो।
Life Lesson (HI)
ज्ञान ही अज्ञान को समाप्त कर सकता है।
Commentary (HI)
इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण भगवद गीता में अर्जुन से कह रहे हैं कि अज्ञान से उत्पन्न होने वाले इस संशय को आत्मज्ञान की तलवार से काट डालना चाहिए। उसके बाद योग में स्थित होना चाहिए। इसका अर्थ है कि हमें अपने असली आत्मा की पहचान करनी चाहिए और अपने विचारों और धारणाओं को साफ करके आत्मज्ञान की ओर बढ़ना चाहिए। यहाँ भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को समझाते हैं कि एक योगी को संशय से परे होकर अपने कर्म में स्थिर रहना चाहिए। इसका शिक्षा यह है कि ज्ञान ही अज्ञान को समाप्त कर सकता है और यही हमें सच्ची स्वतंत्रता और शांति की प्राप्ति का मार्ग दिखाता है।