देवताओं के पूजक देवताओं को, पितरों के पूजक पितरों को, भूतों के पूजक भूतों को प्राप्त होते हैं; और मेरी पूजा करने वाले मुझे प्राप्त होते हैं।
Life Lesson (HI)
जैसी भावना, वैसी प्राप्ति।
Commentary (HI)
इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण बता रहे हैं कि जो भक्त देवताओं की पूजा करते हैं, वे देवताओं को प्राप्त होते हैं। उसी प्रकार, जो पितरों की पूजा करते हैं, वे पितरों को प्राप्त होते हैं। भूतों की पूजा करने वाले भूतों को प्राप्त होते हैं। और जो मुझे पूजते हैं, वे मुझे प्राप्त होते हैं।
इस श्लोक से हमें यह सिखाई जाती है कि हमारे मन में जितनी भावना और श्रद्धा होती है, उसके अनुसार ही हमें फल प्राप्त होता है। यदि हम सच्चे मन से देवताओं, पितरों और भगवान की पूजा करते हैं, तो हमें उनकी कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसलिए, यह श्लोक हमें यह बताता है कि हमें अपनी भक्ति को सच्चाई और संवेदनशीलता के साथ निभाना चाहिए।