हे राजन! द्रुपद, द्रौपदी के पुत्र और महारथी अभिमन्यु ने भी अपने-अपने शंख बजाए।
Life Lesson (HI)
धर्म के मार्ग में युवा और वृद्ध सभी समान रूप से योगदान करते हैं।
Commentary (HI)
इस श्लोक में भगवान कृष्ण अर्जुन को बता रहे हैं कि महाभारत युद्ध के युद्धभूमि पर द्रुपद, द्रौपदी के पुत्र और भी विभिन्न महारथी योद्धाएँ अपने-अपने शंख बजा रहे थे। इस श्लोक के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि धर्म के मार्ग में युवा और वृद्ध, सभी लोग समान रूप से योगदान करते हैं। धर्म के पालन में वर्षा के बाद की भाँति हर कोई अपनी सीमा के अनुसार योग्य योगदान करता है। इस श्लोक से हमें यह सीख मिलती है कि हमें अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए समर्पित और साहसी रूप से अपने कार्यों का सम्मान करना चाहिए।