संजय बोले: इस प्रकार कहकर, शोक से व्याकुल अर्जुन ने शस्त्रों को त्यागकर रथ में बैठ गए।
Life Lesson (HI)
शोक और भ्रम व्यक्ति की निर्णय क्षमता को क्षीण कर देते हैं।
Commentary (HI)
इस श्लोक में संजय वह कह रहे हैं कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से इस प्रकार कहकर, जो शोक से व्याकुल थे, अर्जुन ने शस्त्रों को छोड़कर रथ पर बैठ लिया।
इस भावार्थ में हमें यह सिखाई जाती है कि जब हम अपने भावनाओं और मन की स्थिति से परेशान होते हैं, तो हमारी निर्णय क्षमता कमजोर हो जाती है। इसलिए, हमें शोक और भ्रम से दूर रहकर स्थिर मन से निर्णय लेना चाहिए। अर्जुन ने भगवान की उपदेश को सुनकर अपने भ्रमों को दूर करके सही मार्ग की दिशा में अग्रसर होने का निर्णय लिया।