मैं सर्वहरण करने वाला मृत्यु हूँ, और उत्पन्न होने वालों का उत्पत्ति स्थान हूँ। स्त्रियों में मैं कीर्ति, लक्ष्मी, वाणी, स्मृति, बुद्धि, धैर्य और क्षमा हूँ।
Life Lesson (HI)
जीवन के हर चरण और गुण में ईश्वर की उपस्थिति है।
Commentary (HI)
इस श्लोक में भगवान कहते हैं कि वे मृत्यु हैं, जो सभी कुछ हर लेते हैं, और उत्पन्न होने वाले सबका उत्पत्ति स्थान भी हैं। वे स्त्रियों में कीर्ति, श्री, वाणी, स्मृति, मेधा, धैर्य और क्षमा के रूप में हैं। इस श्लोक से हमें यह समझ मिलता है कि ईश्वर सभी गुणों और धर्मों का स्रोत हैं, और वे सभी जीवों में उपस्थित हैं। यह हमें याद दिलाता है कि ईश्वर हमें सभी गुणों और धर्मों को समझने और समाप्ति तक पहुंचने में सहायता करते हैं। इस श्लोक से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें हर पल ईश्वर की उपस्थिति और साथ में महसूस करना चाहिए।