मैं धृतराष्ट्र के पुत्रों को, सभी राजाओं के साथ, भीष्म, द्रोण, कर्ण और हमारी ओर के प्रमुख योद्धाओं को भी देख रहा हूँ — जो आपके मुखों में प्रवेश कर रहे हैं।
Life Lesson (HI)
ईश्वर की लीला में कोई भी बलवान स्थायी नहीं है।
Commentary (HI)
इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कह रहे हैं कि वह धृतराष्ट्र के पुत्रों को, जो सम्पूर्ण राजाओं के साथ हैं, भीष्म, द्रोण, कर्ण और अन्य महान योद्धाओं को देख रहे हैं, जो युद्ध में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इस श्लोक से हमें यह समझ मिलता है कि ईश्वर की महान लीला में कोई भी शक्तिशाली व्यक्ति या जीवन स्थायी नहीं है, सब कुछ ईश्वर की इच्छा और लीला का हिस्सा है। यहाँ श्रीकृष्ण अर्जुन को यह बोध करा रहे हैं कि जीवन में गर्व और अहंकार नहीं रखना चाहिए, बल्कि हमें सब कुछ ईश्वर की इच्छा में स्वीकार करना चाहिए। ईश्वर के नियमों के अनुसार जीवन जीना हमारा मुख्य कर्तव्य है।