सत्त्व से ज्ञान उत्पन्न होता है, रजस से लोभ, और तमस से प्रमाद, मोह तथा अज्ञान उत्पन्न होते हैं।
Life Lesson (HI)
ज्ञान की उत्पत्ति सत्त्व से होती है; लोभ और अज्ञान अन्य गुणों से।
Commentary (HI)
इस श्लोक में भगवान कृष्ण गुणों के प्रभाव को समझाते हैं। सत्त्व गुण से ज्ञान उत्पन्न होता है, जो हमें सही दिशा दिखाता है। इसके विपरीत, रजो गुण से हमें लोभ की भावना होती है, जो हमें अधिक चाहने की प्रेरणा देता है। और तमो गुण से हमारे अंदर प्रमाद, मोह और अज्ञान की भावना उत्पन्न होती है।
भागवत गीता के माध्यम से हमें यह सीख मिलती है कि हमें सत्त्व गुण का अधिक से अधिक संचार करना चाहिए ताकि हमारा ज्ञान और बुद्धि प्रशांत और स्पष्ट रहे। इसके विपरीत, रजो और तमो गुणों का संयोग हमें भ्रमित कर सकता है और हमें गलत दिशा में ले जा सकता है। इसलिए, हमें अपने विचारों और क्रियाओं को सत्त्व गुण पर आधारित रखना चाहिए ताकि हम सही निर्णय ले सकें और सच्चाई की ओर आगे बढ़ सकें।