मेरा स्मरण करो, मेरे भक्त बनो, मेरी पूजा करो और मुझे नमस्कार करो। ऐसा करने पर तुम निश्चित ही मुझे प्राप्त करोगे — यह मेरा सत्य वचन है क्योंकि तुम मुझे प्रिय हो।
Life Lesson (HI)
भक्ति, स्मरण और समर्पण से ईश्वर की प्राप्ति सुनिश्चित है।
Commentary (HI)
इस श्लोक में श्रीकृष्ण भगवान अर्जुन से कह रहे हैं कि वह उन्हें सदा याद रखे, उनके भक्त बने, उनकी पूजा करें और उन्हें नमस्कार करें। जो भक्ति, स्मरण और समर्पण के माध्यम से भगवान की ओर आदर्श में चलता है, वह निश्चित रूप से भगवान को प्राप्त करता है। यह भगवान का सत्य वचन है और यह भी कहते हैं कि उनके भक्त उन्हें प्रिय हैं। इस श्लोक से हमें यह सिखाई जाती है कि भगवान के प्रति भक्ति और समर्पण में ही सच्ची आनंद और शांति है। इसलिए, हमें हमेशा भगवान की ओर आदर्श में चलने का प्रयास करना चाहिए।