राजन्संस्मृत्य संस्मृत्य संवादमिममद्भुतम्। केशवार्जुनयोः पुण्यं हृष्यामि च मुहुर्मुहुः॥76॥
Translation (HI)
हे राजन्! बार-बार केशव और अर्जुन के इस पवित्र और अद्भुत संवाद को स्मरण करके मैं बारंबार हर्षित होता हूँ।
Life Lesson (HI)
भगवद्गीता का स्मरण मन को बार-बार हर्ष और शांति देता है।
Commentary (HI)
इस श्लोक में भगवद गीता के राजा धृतराष्ट्र से युद्धभूमि कुरुक्षेत्र पर लड़ने जा रहे ब्राह्मण अर्जुन के बीच हुए उस पवित्र और अद्भुत संवाद का स्मरण करने के बारे में भगवान भगवान श्रीकृष्ण के वचन हैं। इस संवाद के माध्यम से अर्जुन को जीवन के विभिन्न पहलुओं पर समझौता करने की शिक्षा दी गई थी। इस श्लोक में यह कहा गया है कि इस संवाद के स्मरण से मन हर्षित होता है और शांति प्राप्त होती है। भगवद गीता का स्मरण मन को आनंद और शांति से भर देता है जिससे हम जीवन के विभिन्न परिस्थितियों में सही निर्णय लेने में सक्षम होते हैं।