जो पुरुष इस धर्म में श्रद्धा नहीं रखते, वे मुझे प्राप्त नहीं कर पाते और मृत्यु के संसार में लौट आते हैं।
Life Lesson (HI)
श्रद्धा के बिना ज्ञान और मुक्ति दोनों असंभव हैं।
Commentary (HI)
इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कह रहे हैं कि जो लोग इस धर्मयुक्त जीवन में श्रद्धा नहीं रखते, वे मुझे समझ नहीं पाते और मृत्यु के चक्रव्यूह में फंस जाते हैं। यह उन्हें संसारिक संग्सार में फिर से पिछड़ने का कारण बन जाता है।
इस श्लोक से हमें यह सिखाई जाती है कि जीवन में श्रद्धा का महत्व कितना है। श्रद्धा के बिना हम भगवान को समझने और उससे जुड़ने में समर्थ नहीं होते। इसलिए, हमें अपने जीवन में श्रद्धा को महत्व देना चाहिए ताकि हम अपने मार्गदर्शक भगवान की सहायता से सही दिशा में चल सकें और मोक्ष की प्राप्ति के लिए संसार से मुक्ति पा सकें।