जो इस ज्ञान को नहीं जानते, वे भी दूसरों से सुनकर मेरी उपासना करते हैं — वे भी मृत्यु को पार कर जाते हैं।
Life Lesson (HI)
श्रद्धा और सुनकर की गई भक्ति भी मोक्षदायक होती है।
Commentary (HI)
इस श्लोक में भगवान कह रहे हैं कि जो लोग उनके इस ज्ञान को समझने में असमर्थ हैं, वे भी दूसरों से सुनकर उनकी उपासना करते हैं। ऐसे लोग भी श्रुति-परायण हो जाते हैं, अर्थात् वेदों के अनुसार जीने वाले हो जाते हैं। ऐसे श्रद्धालु लोग भी मृत्यु को पार कर जाते हैं, अर्थात् मोक्ष को प्राप्त हो जाते हैं।
इस श्लोक से हमें यह सीखने को मिलता है कि भगवान की उपासना का मार्ग विभिन्न हो सकता है, परन्तु जो भक्ति श्रद्धापूर्वक और समर्पित दिशा से की जाती है, वह हमें मोक्ष की प्राप्ति में सफलता दिला सकती है। इसलिए, हमें अपनी उपासना को ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण और आदर्श भाव से करना चाहिए।