हनुमान जी ने श्रीराम की अंगूठी मुख में रखी और समुद्र को लांघ जाना उनके लिए आश्चर्य नहीं रहा।
Vedanta Explanation (HI)
यह चौपाई बताती है कि वेदान्त में ईश्वर-स्मरण सबसे बड़ा सहारा है। राम की मुद्रिका आत्म-विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। जब मन सत्य का आश्रय लेता है, तब असंभव भी सहज हो जाता है।
समुद्र यहाँ अज्ञान और भय का प्रतीक है। राम-स्मरण से यह भय लांघा जा सकता है।
यह चौपाई सिखाती है कि ईश्वर-स्मरण बाहरी कठिनाइयों को नहीं, बल्कि भीतर के अवरोधों को समाप्त करता है।