जहाँ हनुमान का नाम लिया जाता है, वहाँ भूत-पिशाच नहीं आते।
Vedanta Explanation (HI)
यह चौपाई प्रतीकात्मक है। भूत-पिशाच वेदान्त में बाहरी प्राणी नहीं, बल्कि आन्तरिक विकार हैं—भय, आसक्ति, अवसाद और भ्रम। हनुमान का नाम आत्म-बल का स्मरण है।
वेदान्त कहता है कि जब चित्त स्थिर और साहसी होता है, तब नकारात्मक प्रवृत्तियाँ टिक नहीं पातीं। नाम-स्मरण मन को एकाग्र करता है और विक्षेप को समाप्त करता है।
यह चौपाई साधक को बताती है कि भय से लड़ने के लिए प्रकाश लाना होता है, संघर्ष नहीं।