दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥
Meaning (HI)
संसार के सभी कठिन कार्य आपकी कृपा से सरल हो जाते हैं।
Vedanta Explanation (HI)
यह चौपाई वेदान्त का निष्कर्ष प्रस्तुत करती है। जब जीवन अनुग्रह से जुड़ जाता है, तब संघर्ष शेष नहीं रहता। “कठिनता” मन की प्रतिरोध शक्ति से उत्पन्न होती है।
हनुमान की कृपा आत्म-बल का प्रतीक है—जो समर्पण से प्रकट होता है। वेदान्त कहता है कि जब साधक कर्तापन छोड़ देता है, तब कार्य सहज हो जाता है।
यह चौपाई सिखाती है कि कृपा कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं, बल्कि आन्तरिक संरेखण है।