आपका पराक्रम चारों युगों में प्रसिद्ध है और संसार को प्रकाशमान करता है।
Vedanta Explanation (HI)
यह चौपाई समयातीत सत्य की ओर संकेत करती है। चारों युग परिवर्तनशील हैं, पर जो सत्य उनमें प्रकाशित होता है, वह अपरिवर्तनीय है। हनुमान का पराक्रम ऐतिहासिक नहीं, चैतन्यगत है।
वेदान्त कहता है कि आत्म-बल समय और परिस्थिति से परे होता है। जब साधक सत्य से जुड़ता है, तब उसका जीवन भी युगों से स्वतंत्र हो जाता है।
यह चौपाई सिखाती है कि जो मूल्य सत्य पर आधारित होते हैं, वे कभी अप्रासंगिक नहीं होते।